हरदेव बाणी, शब्द 51 

 

ज्ञान लेकर ज्ञान का है जिसने न उपयोग किया | 

उसको लाभ मिला न कोई न उसने आनंद लिया | 
सिर्फ ज्ञान लेने से कोई बात न बनने वाली है | 
बिना कर्म के कभी ज़िंदगी नहीं संवरने वाली है | 
ध्यान बिना ये ज्ञान कभी न उतरेगा इस जीवन में | 
हर पल हर छिन सुमिरण वाली ज्योत जगानी है मन में | 
गुरु ज्ञान से निरंकार को जाना है पहचाना है | 
इससे इकमिक हो जाना ही असल में इसको पाना है | 
ऊपर ऊपर तैरने वाला हासिल क्या कर पायेगा | 
गहराई में जाने वाला मोती चुनकर लायेगा | 
मुक्ति का हक़दार वही है ज्ञान को जो जन जीता है | 
कहे 'हरदेव'  विष को तज कर नाम का अमृत पीता है | 

Courtesy : Hardev Bani, Shabd 51