पिता की हत्या से खौला था निरंकारी समुदाय का खून, बेटे ने रक्तदान करवा किया था शांत

चंडीगढ़। निरंकारी समुदाय के मुखिया बाबा हरदेव सिंह महाराज की कनाडा में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। सारा निरंकारी समुदाय शोक में डूबा हुआ है। जब उनके पिता बाबा गुरबचन सिंह को 24 अप्रैल 1980 को शहीद कर दिया गया था, तो उन्होंने अपने पिता के कत्ल से भड़के निरंकारी समुदाय के खौलते खून को ठंडा करने के लिए व्यापक स्तर पर खून दान करने का आहवान किया। 27 अप्रैल को 1980 में निरंकारी समुदाय ने रक्तदान की शुरूआत की, जो आज तक जारी है। आगे पढ़ें क्या कहते थे बाबा हरदेव जी महाराज...
धर्म के नाम पर इंसान के बंटने को लेकर रहते थे चिंतित...
बाबा हरदेव महाराज इंसान के धर्म के नाम पर बंटने को लेकर चिंतित रहते थे वह हमेशा कहते थे कि इंसान अपनी पहचान खो रहा है।
निरंकारी बाबा अपने प्रवचनों में हमेशा कहते थे कि सब जाति-धर्मों को भुलाकर इंसान को पहचाना चाहिए।
-वह कहते थे हंस की तरह मोती को चुगो, राम की तरह दयावान बनो, हर धर्म को भुलाकर मानवता को अपनाओ।
-वह कहते थे कि हम अज्ञानता के कारण इंसानियत का दामन छोड़ रहे हैं। हमें तेरे और मेरे का भेद भुलाना होगा और मानवता का धर्म निभाना होगा। वह कहते थे कि धर्म पर खतरा तब होता है जब मानव संतों की बातों को नहीं मानता। मानव का जीवन बड़ी मुश्किल से मिला है, इसका सदुपयोग करें।

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