सहनशीलता का फार्मूला

आप पर कैसा भी वक़्त क्यूँ न आये, आपके मुख से 'तू ही निरंकार' ही निकले| किसी का जन्म हो या मृत्यु, दु:ख हो या सुख 'तू ही निरंकार' ही कहें| यही हमारा मिशन है और यही निरंकारी महापुरषों की निशानी है|

 

--युगपुरुष बाबा अवतार सिंह जी 

साभार : बुक : सहनशीलता, पेज 82

Aap par kaisa bhi waqt kyun n aaye, aapke mukh se 'too hi nirankar' hi nikle. Kisi ka janm ho ya mrityu, dukh ho ya sukh ' too hi nirankar' hi kahen. yahi hamara mission hai aur yahi nirankari mahapurshon ki nishani hai.

 

--Yugpurush Baba Avtar Singh Ji

Courtesy : Book : Sahansheelta, Page 82

 


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